मिर्गी का दौरा कितने दिनों में पड़ता है? | मिर्गी इलाज इंदौर में

Can Stress Cause Epilepsy? Triggers & Treatment in Indore
December 23, 2025
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मिर्गी का दौरा कितने दिनों में पड़ता है? | मिर्गी इलाज इंदौर में

मिर्गी क्या है?

मिर्गी (Epilepsy) एक तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारी है, जिसमें मस्तिष्क की गतिविधियाँ असामान्य रूप से तेज या अव्यवस्थित हो जाती हैं। इसके कारण व्यक्ति को बार-बार दौरे (Seizures) पड़ सकते हैं।

ये दौरे अचानक आते हैं और इनके दौरान व्यक्ति को झटके लगना, बेहोशी, शरीर अकड़ना, आंखें पलटना या कुछ समय के लिए होश खो देना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

मिर्गी किसी भी उम्र में हो सकती है—बच्चों, युवाओं या बुजुर्गों में। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे सिर में चोट, दिमागी संक्रमण, जन्म के समय ऑक्सीजन की कमी, तेज बुखार, या आनुवंशिक कारण। हालांकि कई मामलों में मिर्गी का सटीक कारण पता नहीं चल पाता।

मिर्गी का दौरा कितने दिनों में पड़ता है? जानिए इसके कारण और अंतराल

मिर्गी के दौरे पड़ने का कोई निश्चित समय नहीं होता। कुछ लोगों को यह दिन में कई बार, तो कुछ को साल में एक बार पड़ता है।

मिर्गी के दौरे का अंतराल व्यक्ति की स्थिति, बीमारी की गंभीरता, दवाइयों के असर और जीवनशैली पर निर्भर करता है। कुछ मरीजों को नियमित अंतराल पर दौरे आते हैं, जबकि कुछ को लंबे समय तक कोई दौरा नहीं पड़ता।

दौरे पड़ने के अंतराल को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारण इस प्रकार हैं:

  • मिर्गी का प्रकार: कुछ प्रकार की मिर्गी में दौरे अधिक बार आते हैं, जबकि कुछ में बहुत कम।
  • दवाइयों का पालन: यदि मरीज नियमित रूप से डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयाँ लेता है, तो दौरे काफी हद तक नियंत्रित रह सकते हैं।
  • तनाव और नींद की कमी: अधिक तनाव, नींद पूरी न होना और मानसिक थकान दौरे को ट्रिगर कर सकती है।
  • शराब और नशा: शराब या नशीले पदार्थ मिर्गी के दौरे की संभावना बढ़ा सकते हैं।
  • हार्मोनल बदलाव: खासकर महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान दौरे की आवृत्ति बढ़ सकती है।
  • तेज रोशनी या स्क्रीन: कुछ लोगों को तेज चमक या लगातार स्क्रीन देखने से दौरे पड़ सकते हैं।

इसलिए यह कहना गलत होगा कि मिर्गी का दौरा इतने दिन में ही पड़ेगा। सही इलाज और सावधानी से कई मरीज सालों तक बिना दौरे के सामान्य जीवन जीते हैं।

डॉक्टर से कब मिलें?

मिर्गी के मरीज को निम्न स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए:

  • पहली बार मिर्गी का दौरा पड़े।
  • दौरे की अवधि 5 मिनट से अधिक हो।
  • बार-बार दौरे आने लगें।
  • दौरे के बाद होश में आने में अधिक समय लगे।
  • दवा लेने के बावजूद दौरे नियंत्रित न हों।
  • दौरे के दौरान चोट लग जाए।
  • गर्भावस्था के दौरान दौरे आए।

समय पर डॉक्टर से परामर्श और नियमित इलाज से मिर्गी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। सही जानकारी, दवा और जीवनशैली में सुधार से मिर्गी के मरीज भी स्वस्थ और सुरक्षित जीवन जी सकते हैं।

Best Epilepsy Treatment in Indore | मिर्गी का सबसे अच्छा इलाज इंदौर में – डॉ. नवीन तिवारी

अगर आपको ऊपर दिए गए लक्षणों में से कोई भी संकेत मिल रहे हैं, तो तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लेना बहुत जरूरी है। इंदौर में मिर्गी का सबसे अच्छा इलाज (Best Epilepsy Treatment in Indore) करवाने के लिए डॉ. नवीन तिवारी एक अनुभवी और भरोसेमंद नाम हैं।

उन्हें इंदौर के सबसे बेहतरीन मिर्गी के डॉक्टर (Epilepsy Specialist) के रूप में जाना जाता है, जो सालों से जटिल मामलों को सफलतापूर्वक ठीक कर रहे हैं।

डॉ. तिवारी न केवल बीमारी की सही पहचान करते हैं, बल्कि मरीज को मानसिक रूप से भी मजबूत बनाते हैं। अगर आप दौरों की समस्या से परेशान हैं और एक स्थायी समाधान चाहते हैं, तो डॉ. नवीन तिवारी से संपर्क करना आपके स्वास्थ्य के लिए सबसे सही निर्णय हो सकता है।

डॉ नवीन तिवारी
परामर्श न्यूरोलॉजिस्ट।

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