दौरा (Seizure) एक ऐसी न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, जिसमें मस्तिष्क की तंत्रिका कोशिकाओं (Neurons) में अचानक और असामान्य विद्युत गतिविधि होने के कारण व्यक्ति के व्यवहार, चेतना, संवेदना या शरीर की गतिविधियों में अस्थायी परिवर्तन हो सकता है।
दौरे के दौरान शरीर में झटके, मांसपेशियों में अकड़न, बेहोशी, आंखों का ऊपर की ओर जाना, मुंह से झाग आना या कुछ समय के लिए प्रतिक्रिया न देना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
हर दौरा मिर्गी (Epilepsy) का संकेत नहीं होता। बुखार, मस्तिष्क संक्रमण, सिर में चोट, रक्त शर्करा में कमी, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, स्ट्रोक या अन्य न्यूरोलॉजिकल कारणों से भी Seizure हो सकता है। इसलिए बार-बार दौरा पड़ने पर Neurological Evaluation आवश्यक होता है।
दौरा मस्तिष्क में होने वाली अचानक, असामान्य और अनियंत्रित Electrical Discharge का परिणाम है। इसके प्रकार और लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि मस्तिष्क का कौन-सा हिस्सा प्रभावित हुआ है।
Generalized Seizure में मस्तिष्क के दोनों Hemispheres प्रभावित हो सकते हैं और व्यक्ति की चेतना प्रभावित हो सकती है। वहीं Focal Seizure मस्तिष्क के किसी विशेष हिस्से से शुरू होता है और इसमें शरीर के किसी एक हिस्से में झटके, असामान्य संवेदनाएं, भ्रम या असामान्य व्यवहार दिखाई दे सकता है।
दौरे की स्थिति में सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य मरीज को चोट से बचाना और वायुमार्ग (Airway) को सुरक्षित रखना है।

दौरा पड़ने पर घबराने के बजाय निम्न प्राथमिक उपचार अपनाना चाहिए:
यदि दौरा 5 मिनट से अधिक समय तक जारी रहे, लगातार दो या अधिक दौरे पड़ें और बीच में चेतना वापस न आए, सांस लेने में परेशानी हो, गंभीर चोट लगी हो, पहली बार दौरा पड़ा हो या मरीज गर्भवती हो, तो तत्काल Emergency Medical Care की आवश्यकता होती है।
दौरे का सही उपचार उसके कारण, प्रकार, आवृत्ति और मरीज की Neurological स्थिति पर निर्भर करता है। इसके लिए Neurologist द्वारा विस्तृत Medical History, Neurological Examination तथा आवश्यकता के अनुसार EEG (Electroencephalography), MRI Brain, CT Scan और Blood Investigations जैसी जांचों की सलाह दी जा सकती है।
Dr. Navin Tiwari, Consultant Neurologist, Indore, के नेतृत्व में Asian Neuro Centre मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र से संबंधित रोगों के लिए व्यापक Neurological Care प्रदान करता है। सेंटर में Epilepsy और Seizure Disorders सहित Stroke तथा अन्य Neurological Conditions के Diagnosis, Management और Follow-up पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
उपचार में मरीज की स्थिति के अनुसार Anti-Seizure Medications तथा अन्य आवश्यक चिकित्सा प्रबंधन शामिल हो सकते हैं।
दौरा पड़ने पर प्राथमिक लक्ष्य मरीज को चोट से बचाना, वायुमार्ग सुरक्षित रखना और दौरे की अवधि पर नजर रखना है। मुंह में कोई वस्तु डालना या मरीज के झटकों को जबरदस्ती रोकना नहीं चाहिए।
लंबे समय तक चलने वाले, बार-बार होने वाले या पहली बार आए दौरे में तत्काल चिकित्सकीय सहायता आवश्यक है। बार-बार दौरे की स्थिति में उचित Neurological Evaluation और विशेषज्ञ द्वारा निर्धारित उपचार से Seizure Control में मदद मिल सकती है।
डॉ नवीन तिवारी
परामर्श न्यूरोलॉजिस्ट।
Q. 1. दौरा पड़ने पर तुरंत क्या करना चाहिए?
Ans. दौरा पड़ने पर व्यक्ति को सुरक्षित जगह पर लिटाएँ, आसपास की खतरनाक वस्तुएँ हटा दें और उसके सिर के नीचे कुछ नरम रखें। व्यक्ति को जबरदस्ती रोकने की कोशिश न करें और दौरे का समय नोट करें। दौरा खत्म होने तक उसके साथ रहें।
Q. 2. दौरा पड़ने पर मुंह में कुछ डालना चाहिए क्या?
Ans. नहीं। दौरे के दौरान व्यक्ति के मुंह में चम्मच, उंगली, पानी या कोई अन्य वस्तु नहीं डालनी चाहिए। इससे चोट या सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
Q. 3. दौरा पड़ने पर व्यक्ति को कैसे सुरक्षित रखें?
Ans. व्यक्ति को फर्श पर सुरक्षित स्थान पर रखें और आसपास की कठोर या नुकीली चीजें हटा दें। यदि संभव हो तो उसे करवट पर रखें, खासकर दौरा खत्म होने के बाद, ताकि सांस लेने में आसानी रहे।
Q. 4. इंदौर में दौरे का इलाज कहाँ करवाएं?
Ans. इंदौर में बार-बार दौरे या seizure की समस्या होने पर Dr. Navin Tiwari at Asian Neuro Centre से neurologist consultation लिया जा सकता है। सही diagnosis के बाद दौरे के कारण और स्थिति के अनुसार उचित treatment plan बनाया जाता है।
Q. 5. दौरा पड़ने के बाद क्या करना चाहिए?
Ans. दौरा खत्म होने के बाद व्यक्ति को आराम करने दें और उसकी सांस लेने की स्थिति पर ध्यान दें। उसे अकेला न छोड़ें और पूरी तरह होश में आने तक पानी या खाना देने से बचें।
Q. 6. क्या पहली बार दौरा पड़ने पर डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?
Ans. हाँ। पहली बार दौरा पड़ने पर medical evaluation जरूरी है, क्योंकि इसके कई संभावित कारण हो सकते हैं। डॉक्टर आवश्यक जांच के बाद कारण का पता लगाने और आगे के उपचार की सलाह दे सकते हैं।
Q. 7. दौरा पड़ने के क्या कारण हो सकते हैं?
Ans. दौरे epilepsy के कारण हो सकते हैं, लेकिन इसके अलावा कुछ अन्य neurological conditions, सिर में चोट, संक्रमण, metabolic problems या अन्य medical conditions भी दौरे का कारण बन सकती हैं। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से जांच जरूरी है।
Q. 8. दौरे में क्या नहीं खाना चाहिए?
Ans. दौरे या epilepsy में हर व्यक्ति के लिए एक जैसी food restriction नहीं होती। Alcohol और अत्यधिक caffeine कुछ लोगों में seizures को trigger कर सकते हैं, इसलिए इनसे बचना बेहतर हो सकता है। भोजन छोड़ने, dehydration और नींद की कमी से भी बचें। किसी विशेष diet की जरूरत हो तो neurologist की सलाह लें।
Q. 9. दौरे का इलाज किस डॉक्टर से करवाना चाहिए?
Ans. बार-बार दौरे या epilepsy की समस्या के लिए neurologist से परामर्श लेना चाहिए। Dr. Navin Tiwari at Asian Neuro Centre, Indore epilepsy और seizure disorders के निदान एवं उपचार के लिए विशेषज्ञ neurological care प्रदान करते हैं।
Q. 10. क्या हर दौरा epilepsy का संकेत होता है?
Ans. नहीं। एक seizure होने का मतलब हमेशा epilepsy नहीं होता। Epilepsy का diagnosis व्यक्ति के medical history, symptoms और आवश्यक जांच के आधार पर neurologist करता है।
Q. 11. क्या epilepsy के दौरे को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है?
Ans. कई लोगों में उचित diagnosis और treatment से seizures को अच्छी तरह control किया जा सकता है। उपचार व्यक्ति की condition और epilepsy के प्रकार पर निर्भर करता है। दवा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लेनी चाहिए।