बचपन में अचानक झटके आना, शरीर का अकड़ जाना, कुछ समय के लिए बेहोश होना या आंखों का एक जगह टिक जाना माता-पिता के लिए बेहद चिंताजनक अनुभव हो सकता है। बचपन में दौरे (Seizures) कई कारणों से हो सकते हैं।
कुछ स्थितियां अस्थायी हो सकती हैं, जबकि बार-बार दौरे आना किसी न्यूरोलॉजिकल समस्या का संकेत भी हो सकता है। इसलिए बच्चे को दौरा पड़ने पर घबराने के बजाय सही समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना महत्वपूर्ण है।

Dr. Navin Tiwari – Consultant Neurologist, Indore, बच्चों और वयस्कों में विभिन्न न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के मूल्यांकन और उपचार के लिए परामर्श प्रदान करते हैं।
Asian Neuro Centre इंदौर में उन्नत न्यूरोलॉजिकल देखभाल के लिए समर्पित चिकित्सा केंद्र है। केंद्र में स्ट्रोक मैनेजमेंट, एपिलेप्सी केयर और मस्तिष्क एवं नसों से संबंधित विभिन्न समस्याओं के निदान और उपचार पर ध्यान दिया जाता है।
Dr. Navin Tiwari के नेतृत्व में केंद्र में मरीज की स्थिति को समझकर उचित जांच और उपचार योजना तैयार करने पर जोर दिया जाता है।
बच्चे को दौरा पड़ना माता-पिता के लिए डरावना हो सकता है, लेकिन हर दौरा मिर्गी या गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता। फिर भी पहली बार दौरा पड़ने या बार-बार ऐसे लक्षण दिखाई देने पर विशेषज्ञ न्यूरोलॉजिस्ट से उचित मूल्यांकन कराना महत्वपूर्ण है।
समय पर जांच और सही उपचार से दौरे के कारण का पता लगाने तथा बच्चे को आवश्यक चिकित्सा सहायता देने में मदद मिल सकती है। बच्चे में दौरे से जुड़े लक्षण दिखाई देने पर Dr. Navin Tiwari, Consultant Neurologist, Asian Neuro Centre, Indore से विशेषज्ञ परामर्श लिया जा सकता है।
डॉ नवीन तिवारी
परामर्श न्यूरोलॉजिस्ट।
Q.1. क्या बचपन में दौरे आना गंभीर समस्या है?
Ans. बच्चों में दौरे कई कारणों से हो सकते हैं और हर दौरा गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता। हालांकि, पहली बार दौरा पड़ने पर बच्चे की उचित medical evaluation जरूरी है, ताकि कारण का पता लगाया जा सके।
Q.2. बच्चों को दौरे क्यों पड़ते हैं?
Ans. बच्चों में दौरे बुखार, संक्रमण, सिर की चोट, कुछ neurological conditions या epilepsy जैसे कई कारणों से हो सकते हैं। सही कारण जानने के लिए बच्चे की medical history और आवश्यक जांच महत्वपूर्ण होती है।
Q.3. बच्चे को पहली बार दौरा पड़े तो क्या करना चाहिए?
Ans. बच्चे को सुरक्षित जगह पर लिटाएं, आसपास की खतरनाक वस्तुएं हटा दें और दौरे का समय नोट करें। बच्चे के मुंह में कुछ न डालें और उसे जबरदस्ती रोकने की कोशिश न करें। पहली बार दौरा पड़ने पर medical evaluation करवाना जरूरी है।
Q.4. बच्चों में दौरा कितनी देर तक रहे तो चिंता करनी चाहिए?
Ans. अगर दौरा 5 मिनट से अधिक समय तक जारी रहे, लगातार दौरे आते रहें या बच्चे को सांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत emergency medical help लेनी चाहिए।
Q.5. क्या बच्चों में दौरे epilepsy का संकेत हो सकते हैं?
Ans. हाँ, बार-बार बिना किसी स्पष्ट कारण के दौरे epilepsy का संकेत हो सकते हैं। हालांकि, हर seizure epilepsy नहीं होता। बच्चे की स्थिति का सही मूल्यांकन neurologist या pediatric specialist द्वारा किया जाना चाहिए।
Q.6. क्या बुखार के कारण बच्चों को दौरे पड़ सकते हैं?
Ans. हाँ, कुछ बच्चों में तेज बुखार के दौरान febrile seizures हो सकते हैं। ये विशेष रूप से छोटे बच्चों में देखे जाते हैं। पहली बार ऐसा होने पर डॉक्टर से बच्चे की जांच करवाना जरूरी है।
Q.7. बच्चों में दौरे का इलाज किस डॉक्टर से करवाना चाहिए?
Ans. बच्चे को बार-बार दौरे पड़ रहे हों या epilepsy की आशंका हो, तो neurologist से परामर्श लेना चाहिए। Dr. Navin Tiwari at Asian Neuro Centre, Indore neurological disorders और seizure-related conditions के लिए विशेषज्ञ परामर्श प्रदान करते हैं।
Q.8. क्या बच्चों में epilepsy का इलाज संभव है?
Ans. Epilepsy का treatment उसके प्रकार और कारण पर निर्भर करता है। उचित diagnosis और treatment से कई बच्चों में seizures को अच्छी तरह control किया जा सकता है। दवा हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही देनी चाहिए।
Q.9. क्या दौरे पड़ने वाले बच्चे सामान्य जीवन जी सकते हैं?
Ans. हाँ, उचित diagnosis, treatment और नियमित medical follow-up के साथ बहुत से बच्चे सामान्य और सक्रिय जीवन जी सकते हैं। बच्चे की स्थिति के अनुसार neurologist उचित treatment और precautions की सलाह दे सकते हैं।
Q.10. इंदौर में बच्चों के दौरे का इलाज कहाँ करवाएं?
Ans. इंदौर में बच्चे को बार-बार दौरे या seizure की समस्या होने पर Dr. Navin Tiwari at Asian Neuro Centre से neurological consultation लिया जा सकता है। डॉक्टर बच्चे की स्थिति का मूल्यांकन करके उचित diagnosis और treatment की सलाह देते हैं।
Q.11. क्या बचपन की मिर्गी दूर हो सकती है?
Ans. कुछ बच्चों में उम्र बढ़ने के साथ मिर्गी के दौरे पूरी तरह नियंत्रित या बंद हो सकते हैं। यह मिर्गी के प्रकार, कारण, EEG और उपचार की प्रतिक्रिया पर निर्भर करता है। सही diagnosis और नियमित treatment से कई बच्चों को लंबे समय तक दौरे से राहत मिल सकती है। World Health Organization
Q.12. बार-बार दौरे क्यों पड़ते हैं?
Ans. बार-बार दौरे पड़ने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे दवा की सही मात्रा न होना, दवा अनियमित लेना, नींद की कमी, कुछ triggers या underlying neurological condition। इसका कारण जानने के लिए neurologist द्वारा उचित evaluation और आवश्यक tests जरूरी होते हैं।
Q.13. मिर्गी कितने साल तक रहती है?
Ans. मिर्गी कितने समय तक रहेगी, यह हर बच्चे में अलग होता है। कुछ बच्चों में उपचार के साथ कुछ वर्षों में दौरे बंद हो सकते हैं, जबकि कुछ में लंबे समय तक treatment की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए दवा बंद करने का निर्णय केवल डॉक्टर की सलाह और बच्चे की स्थिति के आधार पर होना चाहिए। WHO