शिशुओं में झटके क्या होते हैं? | शिशुओं में झटके का इलाज इंदौर में

क्या प्रेडनिसोन झटके पैदा कर सकता है? | झटके का इलाज इंदौर में
February 10, 2026
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शिशुओं में झटके क्या होते हैं? | शिशुओं में झटके का इलाज इंदौर में

झटके क्या हैं? | What is Tremor/Seizures

झटके (Seizures) ऐसी स्थिति है जिसमें मस्तिष्क की सामान्य विद्युत गतिविधि अचानक असामान्य हो जाती है। मस्तिष्क की कोशिकाएँ (न्यूरॉन्स) आपस में विद्युत संकेतों के माध्यम से संवाद करती हैं।

जब इन संकेतों में असंतुलन या अत्यधिक गतिविधि हो जाती है, तब शरीर में अनियंत्रित हरकतें, अकड़न, आँखों का उलटना, शरीर का कांपना या कुछ समय के लिए बेहोशी जैसी स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं  इन्हें ही झटके कहा जाता है।

झटके केवल बड़े लोगों में ही नहीं, बल्कि नवजात और छोटे शिशुओं में भी हो सकते हैं। कई बार यह समस्या हल्की और अस्थायी होती है, लेकिन कुछ मामलों में यह किसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी का संकेत भी हो सकती है। इसलिए समय पर पहचान और उपचार अत्यंत आवश्यक है।

शिशुओं में झटके क्या होते हैं? | What are Tremors in Babies?

शिशुओं में झटके वयस्कों से अलग प्रकार के हो सकते हैं। अक्सर माता-पिता को यह समझना कठिन होता है कि बच्चा सामान्य हरकत कर रहा है या उसे झटका आया है। शिशुओं में झटकों के कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं:

  • शरीर या हाथ-पैर का अचानक फड़कना
  • आँखों का एक दिशा में टिक जाना या तेजी से झपकना
  • अचानक शरीर का सख्त हो जाना
  • दूध पीते समय रुक जाना और प्रतिक्रिया न देना
  • होंठ या चेहरे का नीला पड़ना
  • कुछ सेकंड के लिए बेहोशी जैसी स्थिति

नवजात शिशुओं में झटके कभी-कभी बहुत सूक्ष्म (subtle) होते हैं, जैसे केवल होंठ चबाना, जीभ हिलाना या हल्की मांसपेशीय हरकतें। इन्हें पहचानना मुश्किल हो सकता है, लेकिन बार-बार ऐसी घटनाएँ हों तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

शिशुओं में झटकों के प्रमुख कारणों में जन्म के समय ऑक्सीजन की कमी, मस्तिष्क संक्रमण (जैसे मेनिन्जाइटिस), रक्त में शुगर या कैल्शियम की कमी, जन्मजात मस्तिष्क विकार या मिर्गी (Epilepsy) शामिल हो सकते हैं।

कुछ मामलों में तेज बुखार के कारण भी फेब्राइल सीज़र्स (Febrile Seizures) हो सकते हैं। समय पर जांच के लिए डॉक्टर EEG (Electroencephalogram), MRI या रक्त परीक्षण जैसी जांचें सलाह दे सकते हैं। सही कारण का पता लगाना उपचार के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है।

शिशुओं में झटके का इलाज इंदौर में | Treatment of Infantile Seizures in Indore

इंदौर में शिशुओं और बच्चों के झटकों के प्रभावी और विशेषज्ञ उपचार के लिए Asian Neuro Centreक प्रमुख न्यूरोलॉजी केंद्र के रूप में जाना जाता है। यह केंद्र उन्नत न्यूरोलॉजिकल देखभाल प्रदान करने के लिए समर्पित है और यहाँ आधुनिक तकनीकों के माध्यम से सटीक निदान और उपचार किया जाता है।

यह संस्थान अनुभवी न्यूरोलॉजिस्ट Dr. Navin Tiwari के नेतृत्व में कार्य करता है, जो इंदौर के सबसे विश्वसनीय और अनुभवी न्यूरोलॉजिस्टों में से एक माने जाते हैं। यहाँ स्ट्रोक प्रबंधन से लेकर मिर्गी (Epilepsy) के उपचार तक, मस्तिष्क और नसों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का व्यापक इलाज उपलब्ध है।

शिशुओं में झटकों के इलाज के लिए सबसे पहले विस्तृत जांच की जाती है ताकि सही कारण का पता लगाया जा सके। इसके बाद आवश्यकता अनुसार एंटी-सीज़र दवाएँ (anti-epileptic drugs) दी जाती हैं।

कुछ मामलों में पोषण की कमी को ठीक करना ही पर्याप्त होता है, जबकि जटिल मामलों में लंबी अवधि तक दवा और नियमित फॉलो-अप की जरूरत पड़ सकती है।

Asian Neuro Centre में उपचार के दौरान “patient-first approach” अपनाई जाती है, जिससे माता-पिता को पूरी जानकारी, मार्गदर्शन और मानसिक सहयोग दिया जाता है। यहाँ आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ टीम की मदद से बच्चों की रिकवरी को प्राथमिकता दी जाती है।

निष्कर्ष | Conclusion

शिशुओं में झटके एक गंभीर लेकिन उपचार योग्य स्थिति है। समय पर पहचान, सही जांच और विशेषज्ञ उपचार से अधिकांश बच्चे पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

यदि आपके शिशु में किसी भी प्रकार की असामान्य हरकत या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करें। सही समय पर सही कदम उठाना आपके बच्चे के स्वस्थ भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

डॉ नवीन तिवारी
परामर्श न्यूरोलॉजिस्ट।

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