सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस गर्दन की रीढ़ (Cervical Spine) से जुड़ी एक आम समस्या है, जो आमतौर पर उम्र बढ़ने, गलत बैठने की मुद्रा, लंबे समय तक मोबाइल या कंप्यूटर के उपयोग और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण होती है।
इसमें गर्दन की हड्डियों, डिस्क और जोड़ में घिसाव आ जाता है। इसके लक्षणों में गर्दन दर्द, कंधों में जकड़न, सिरदर्द, हाथों में झनझनाहट, सुन्नपन और कभी-कभी चक्कर आना शामिल हैं। गंभीर मामलों में नसों पर दबाव पड़ने से हाथों की कमजोरी भी हो सकती है।
लम्बर स्पोंडिलोसिस कमर की रीढ़ (Lumbar Spine) से संबंधित समस्या है। इसमें कमर की हड्डियों और डिस्क में घिसाव या क्षति हो जाती है। इसके मुख्य कारण भारी वजन उठाना, गलत पोस्चर, लंबे समय तक बैठना, मोटापा और उम्र बढ़ना हैं।
इसके लक्षणों में कमर दर्द, पैरों में दर्द का फैलना (सायटिका), अकड़न, चलने में परेशानी और लंबे समय तक खड़े रहने में दर्द बढ़ना शामिल है। कुछ मामलों में पैरों में सुन्नपन और कमजोरी भी महसूस हो सकती है।

हाँ, किसी व्यक्ति को सर्वाइकल और लम्बर स्पोंडिलोसिस दोनों एक साथ हो सकते हैं। यह स्थिति विशेष रूप से उन लोगों में देखी जाती है जिनकी जीवनशैली निष्क्रिय है, जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं या जिनकी उम्र 40 वर्ष से अधिक है।
रीढ़ की हड्डी एक पूरी प्रणाली है, इसलिए अगर एक हिस्से में समस्या होती है तो अन्य हिस्सों पर भी उसका प्रभाव पड़ सकता है। गलत पोस्चर, मोटापा, विटामिन की कमी और बार-बार होने वाली चोटें दोनों बीमारियों के होने की संभावना बढ़ा देती हैं। समय पर इलाज न होने पर दर्द बढ़ सकता है और दैनिक जीवन प्रभावित हो सकता है।
अगर आप इंदौर में रह रहे हैं और गर्दन के साथ-साथ कमर के पुराने दर्द से परेशान हैं, तो आप अकेले नहीं हैं। आज की सेडेंटरी लाइफस्टाइल और घंटों सिस्टम के सामने बैठने की मजबूरी ने Cervical (गर्दन) और Lumbar (कमर) दोनों समस्याओं को एक साथ पैदा कर दिया है।
राहत की बात यह है कि इंदौर में इसका काफी सटीक इलाज उपलब्ध है। अगर आप किसी अनुभवी एक्सपर्ट की तलाश में हैं, तो Asian Neuro Centre एक बेहतर विकल्प हो सकता है। यहाँ Dr. Navin Tiwari स्पाइन से जुड़ी इन दिक्कतों को गहराई से समझते और उनका इलाज करते हैं।
अक्सर हम पेनकिलर खाकर दर्द दबाते रहते हैं, लेकिन यह सही तरीका नहीं है। डॉक्टर नवीन तिवारी सबसे पहले यह चेक करते हैं कि दर्द नसों के दबने की वजह से है या हड्डियों की कमजोरी से। उनके क्लिनिक पर इलाज का तरीका काफी प्रैक्टिकल है, जहाँ फालतू की सर्जरी की जगह दवाइयों और सही पोस्चर (बैठने के तरीके) पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है।
इंदौर में रहते हुए अगर आप बार-बार होने वाले खिंचाव या सुन्नपन से थक चुके हैं, तो एक बार एशियन न्यूरो सेंटर पर जाकर अपनी रिपोर्ट के बारे में चर्चा कर सकते हैं। सही सलाह मिलने से आप स्पाइन की सर्जरी जैसी बड़ी दिक्कतों से भी बच सकते हैं।